Vision

Every rural household has drinking water supply in adequate quantity of prescribed quality on regular and long-term basis at affordable service delivery charges leading to improvement in living standards of rural communities.

Mission :-

Jal Jeevan Mission is to assist, empower and facilitate:

Objectives :-

The broad objectives of the Mission are :-

Components Under JJM :-

The following components are supported under JJM :-

Efforts should be made to source funds from different sources/ programmes and convergence is the key

Documents by Central Government :-

Documents by State Government :-

राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन (State Water and Sanitation Mission, SWSM)

मध्यप्रदेश शासन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, मंत्रालय, भोपाल के आदेश क्रमांक एफ 16-03/2020/2/34 दिनांक 19.05.2020 से पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन हेतु जारी परिचालन दिशा-निर्देश (Operational Guidelines) में दिये गये निर्देशों के अनुसार “राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन” (State Water & Sanitation Mission, SWSM) में गठित किया गया है।

जल जीवन मिशन की गतिविधियों के पर्यवेक्षण, अनुश्रवण तथा सुचारू क्रियान्वयन हेतु परिचालन दिशा-निर्देश में दिये गये दायित्वों का निर्वाहन राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन द्वारा किया जायेगा ।

शिखर समिति (Apex Committee) निम्नानुसार है -

शिखर समिति द्वारा जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन हेतु जारी परिचालन के दिशा-निर्देशों (Operational Guidelines) के अनुरूप राज्य में ग्रामीण जलप्रदाय कार्यक्रम के क्रियान्वयन संबंधी कार्यवाही की जायेगी । जल जीवन मिशन के लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु आवश्यकतानुसार शिखर समिति की बैठकों का आयोजन किया जायेगा।

कार्यपालिक समिति (Executive Committee) निम्नानुसार है -

कार्यपालिक समिति द्वारा जल जीवन मिशन की मार्गदर्शिका के दिशा निर्देशों के अनुरूप राज्य में ग्रामीण जल प्रदाय कार्यक्रम के क्रियान्वयन संबंधी कार्यवाही की जायेगी । जल जीवन मिशन के लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु आवश्यकतानुसार कार्यपालिक समिति की बैठकों का आयोजन किया जायेगा।

जिला जल एवं स्वच्छता मिशन (District Water and Sanitation Mission, DWSM)

मध्यप्रदेश शासन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, के आदेश क्रमांक एफ 16-03/2020/2/34 दिनांक 03 जून 2020 द्वारा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जल शक्ति मंत्रालय,भारत सरकार द्वारा जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन हेतु जारी दिशा-निर्देश (Operational Guidelines) में दिये गये निर्देशों के संदर्भ में "जिला जल एवं स्वच्छता मिशन"(डीडब्ल्यूएसएम) का निम्नानुसार गठन किया गया है :-

जिला जल एवं स्वच्छता मिशन (DWSM) के कार्य निम्नलिखित होंगे -

जल जीवन मिशन के अन्तर्गत प्राप्त होने वाली कुल राशि का 5 प्रतिशत राशि सहायक गतिविधियों के लिये निर्धारित है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत सहायक गतिविधियों का निष्पादन क्रियान्वयन सहायता संस्थाओं द्वारा किया जाना है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत संपादित की जाने वाली प्रमुख सहायक गतिविधियों का विवरण निम्नानुसार हैः-

1. मानव संसाधन विकास गतिविधियाँ:-

मानव संसाधन विकास गतिविधियों के अंतर्गत, विभाग के कार्यालयीन एवं अन्य मैदानी अमले का क्षमतावर्धन, विभिन्न विभागों के साथ समन्वय तथा पंचायती राज्य संस्थाओं के जन प्रतिनिधियों का क्षमतावर्धन एवं उन्मुखीकरण कर उन्हें विभागीय गतिविधियों से जोड़ा जाता है।

विभागीय प्रशिक्षण आवश्यकताओं के अनुरूप वार्षिक प्रशिक्षण कैलेण्डर तैयार कर तद्नुसार विभागीय अधिकारियों/कर्मचारियों एवं पंचायती राज संस्थाओं के सदस्यों का प्रशिक्षण राज्य स्तर, परिक्षेत्र स्तर, मंडल स्तर, जिला स्तर एवं विकासखण्ड स्तर तक किया जाता है।

जल जीवन मिशन अंतर्गत ग्रामीण पेयजल उपसमितियों का गठन मध्य प्रदेश राजपत्र (असाधारण) दिनांक 13 अगस्त 2020 में प्रकाशित प्रावधान अनुसार किया जा रहा है। इन समितियों के सदस्यों को पेयजल योजनाओं के संचालन एवं संधारण हेतु तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए कैस्केड मोड में प्रशिक्षित किया गया है। इसके अतिरिक्त मिशन अंतर्गत क्रियान्वित की जाने वाली नल जल योजनाओं के स्थानीय स्तर पर संचालन एवं संधारण हेतु विभिन्न संवर्ग यथा-मेशन, प्लम्बर, इलेक्ट्रिशियन एवं फिटर हेतु लगभग 40000 व्यक्तियों को प्रधानमंत्री कौशल विकास केन्द्रों के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदाय कराया जाना है। इस हेतु राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) के साथ अनुबंध निष्पादंन प्रक्रियाधीन है।

2. सूचना शिक्षा एवं संचार गतिविधियां:-

जल जीवन मिशन अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों के प्रचार-प्रसार एवं शुद्ध पेयजल के उपयोग से होने वाले लाभों की जानकारी को प्रदेश के सुदूर ग्रामीण अंचलों तक पहुँचाने के लिए सूचना, शिक्षा एवं संचार गतिविधियां संपादित की जाती हैं। इन गतिविधियों के सफल क्रियान्वयन हेतु जिला स्तर पर जिलाध्यक्ष, मुख्य कार्यपालन अधिकारी-जिला पंचायत एवं कार्यपालन यंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की एक समिति गठित की गई है। प्रचार-प्रसार गतिविधियों के अंतर्गत नुक्कड़ नाटक, चलचित्र प्रसारण, जागरूकता रथ का भ्रमण, रेडियो/केबल टी. व्ही. का प्रसारण, ग्रामीण सहभागिता आंकलन (पी.आर.ए.), होर्डिंग्स, नारा लेखन, ग्राम सभा, वार्ड सभा का आयोजन इत्यादि गतिविधियाँ संचालित की जाती हैं।

3.अनुसंधान एवं विकास गतिविधियां:-

ग्रामीण क्षेत्र में सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिष्चित करने हेतु सहायक गतिविधियों के अंतर्गत अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों का प्रावधान किया गया है। म.प्र. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् (MAPCAST) भोपाल एवं बिड़ला इन्स्टीट्यूट आफ टेक्नालाजी एण्ड साइंस (BITS), राँची के सहयोग से हाइड्रोजियोमार्फोलाजीकल मैप्स (HGM-Map's) को अद्यतन किया जा रहा है, जिसमें वाटर क्वालिटी लेयर को भी अंकित किया जा रहा है।

जल पेयजल की गुणवत्ता के महत्व को देखते हुए राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के अन्तर्गत दो प्रतिशत राशि जल गुणवत्ता अनुश्रवण व निगरानी कार्यक्रम के लिये निर्धारित की गई है।

जल पेयजल की गुणवत्ता के महत्व को देखते हुए राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के अन्तर्गत दो प्रतिशत राशि जल गुणवत्ता अनुश्रवण व निगरानी कार्यक्रम के लिये निर्धारित की गई है।

भारत सरकार द्वारा जल की पीने के लिये उपयुक्तता के आकलन हेतु 13 घटकों का परीक्षण किया जाना निर्धारित किया गया है। ये घटक हैं